तूर्यनाद'16-रिपोर्ट



आशु भाषण

“त्वरित बुद्धि लगा विषय पर, फटाफट से तू सोच। रखके मस्तिष्क में भाषण का सार, तत्काल से तू बोल।।”

कवि सम्मेलन

“ना सुनी होंगी ऐसी कविताएँ, ना ही ऐसा राग दिल को छू जायें ऐसे, निकले बनकर आग।”

नुक्कड़ नाटक

वो भागते हैं, चिल्लाते हैं वो पागल भी कहलाते हैं। अपनी बातों से ये हुडदंगी जागरण का शंख बजाते हैं।।


खिचड़ी

"हिंदी की माला में पिरोए तूर्यनाद ने ऐसे मोती, हिंदीतर राज्यों मे भी चमक रही है उनकी ज्योति।”

भारतीय परिधानिका

“भारतीय संस्कृति में होगी चमक नूतन, जब चलेगा स्वदेशी परिधान का प्रचलन।”

रचनात्मक लेखन

आओ सब अपनी लेखन क्षमता को दें नये आयाम | विचार दें कुछ इस तरह , कि स्वदेश का भी हो उत्त्थान||


भारत मंथन

“प्रश्नोत्तर का मंच नहीं ,ये मंच है राष्ट्र परिचय का भारत का गौरव दर्शन ,निज राष्ट्र ज्ञानअभिसंचय का”

चक्रव्यूह

“मर्म समझकर शब्दों का,भेदों एक व्यूह फूर्ती और चतुराई से, खेलो चक्रव्यूह।”

समूह गायन

“अब होगी तूर्यनाद में सुरों की झंकार, अपने गायन समूह को कर लो तैयार”


छात्र-संसद

“विपक्ष का दाँव और पक्ष की नीति, आओ मिलकर सीखें हम राजनीति।”

सृजन

“कल्पना से रचित कलाकृतियाँ करेंगी आकर्षित, जब भारत का बखान करने के लिए होंगी ये प्रदर्शित।।”

समूह नृत्य

"भारतीय नृत्य कहता है एक जीवंत कहानी | इस बार सुनिए इसे तूर्यनाद की ज़ुबानी"


संसदीय वाद-विवाद

सत्य और तर्कों का अब होगा तथ्यों में अनुवाद, पक्ष और विपक्ष के मध्य होगा अब संसदीय वाद विवाद

चक्रव्यूह

“मर्म समझकर शब्दों का,भेदों एक व्यूह फूर्ती और चतुराई से, खेलो चक्रव्यूह।”