सरदार वल्लभ भाई पटेल

सरदार वल्लभ भाई पटेल

1875-1950

आज के युग में अनेकता और विविधताओं के देश भारत में वोट की राजनीति ने लोगों को जाति, धर्म, भाषा, उदारवादिता एवं कट्टरता जैसे अनेक खण्डों में बाँट दिया है। देश में कई ज्वलंत विषय हैं जिनमें हम पक्ष-विपक्ष करते रह जाते हैं और समस्या जीवंत रह जाती है।
वहीं सरदार वल्लभ भाई पटेल वे थे जिन्होंने समस्त भारत को एकता के सूत्र में पिरोया था। गुजरात के एक छोटे से गाँव में जन्में, गाँधीवादी विचारधारा से प्रभावित, भारत के पूर्व उपप्रधानमन्त्री एवं गृहमन्त्री, भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल जी ने देश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने हेतु 563 स्वतन्त्र गणराज्यों को शांतिपूर्वक, बिना किसी सैन्य बल के, भारत में विलय करवाया था। गाँधी जी के उदार विचारों तथा भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों के उत्साह का अभूतपूर्व समन्वय पटेल जी के व्यक्तितव में था। लौह-पुरुष के नाम से प्रख्यात सरदार पटेल जी देशवासियों से कहा करते थे- "जब जनता एक हो जाती है तब उसके सामने क्रूर से क्रूर शासन भी टिक नहीं सकता। अतः भेदभाव भुला कर सब एक हो जाइए।" तनिक विचार करिए कि जब एक अकेला व्यक्ति 563 स्वतन्त्र गणराज्यों को संगठित कर सकता है तो हमारी सवा सौ करोड़ की सशक्त सेना क्या नहीं कर सकती।
सरदार पटेल जी के आदर्शों से प्रेरित, समस्त तूर्यनाद परिवार,उन्हें कोटि कोटि नमन करता है।