संसदीय वाद विवाद
“तर्क बनेंगे आधार, व्यंग्य प्रहार, ज्ञान का होगा शंखनाद
युवाओं की हुंकार से, गूंजेगा संसदीय वाद विवाद"
उद्देश्य - वाद-विवाद प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रतिभागियों में तार्किक क्षमता, विषय ज्ञान, दल भावना, तथ्य प्रस्तुतीकरण और विषम परिस्थिति में प्रतिक्रिया का परीक्षण करना है। अर्हता - किसी भी महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राएँ प्रतियोगिता के लिए पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन - प्रतिभागियों को दो-दो के समूह में प्रतिभाग करना है। समूह के दोनों लोगों को www.tooryanaad.in पर पंजीयन करना है। नोट - किसी भी विवाद की स्थिति में संचालक का निर्णय सर्वमान्य होगा। किसी भी तरह का विवाद, बहस या झगड़ा करने पर प्रतिभागी को निष्कासित भी किया जा सकता है। समय का विशेष ध्यान रखें।
दिनांक और समय प्रथम चरण14-सितम्बर-2019/प्रात: 9 बजे से 12 बजे
नव शिक्षण खण्ड(NTB)
द्वितीय चरण-14-सितम्बर-2019 / दोपहर 1 बजे से 2 बजे
नव शिक्षण खण्ड(NTB)
तृतीया चरण15-सितम्बर-2019/प्रात: 10:30 से 12 बजे
राधाकृष्णन सभागार(SAC)
समन्वयक चरण परिहार- 7023459812
यश प्रताप सिंह- 6377943108
पुरस्कार 2 विजेता टीमों को 5000₹ से सम्मानित किया जाएगा
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  • “समूह परिचर्चा”

    अन्तर्गत प्रतिभागियों को 10-10 के समूह में विभाजित कर एक विषय देकर समूह परिचर्चा आयोजित की जाएगी। समूह परिचर्चा के लिए कुल 10 मिनट का समय दिया जाएगा।
  • यह चरण दल भावना, गहन सोच, विचार प्रस्तुतीकरण एवं श्रवण क्षमता का परीक्षण करेगा।
  • "वाद–विवाद प्रतियोगिता"

    प्रतियोगिता में दो समूहों के मध्य सामान्य वाद विवाद आयोजित करवाया जाएगा। एक समूह प्रस्तुत विषय के पक्ष में जबकि अन्य समूह विपक्ष में अपने तर्क प्रस्तुत करेगा।
  • यह नॉकआउट चरण है। निर्णायकों द्वारा अंतिम चरण के लिए शीर्ष 2 व्यक्तियों का चयन किया जाएगा।
  • "संसदीय वाद-विवाद प्रतियोगिता"

    यह चरण द्वितीय चरण में हुए वाद विवाद से भिन्न होगा। इसमें पक्ष वाले व्यक्ति को दिए गए विषय पर एक विधेयक प्रस्तुत करना होगा। पक्ष वाला व्यक्ति क्रमश: प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री व सचेतक की भूमिका में होगा जबकि विपक्ष वाला प्रतिभागी क्रमश: नेताप्रतिपक्ष, उपनेताप्रतिपक्ष व सचेतक की भूमिका होगा।
  • विधेयक प्रस्तुतीकरण, तर्कक्षमता, विषय ज्ञान के आधार पर निर्णायक द्वारा विजेता व उपविजेता को चयनित कर पुरस्कृत किया जाएगा।