सृजन
"अथाह समंदर में रंग मिलाकर, जो भर दे उमंग।
अद्धभुत मन के भाव हो, भाव से सृजन।। "
उद्देश्य- इस प्रतियोगिता का उद्देश्य भारतीय संस्कृति की सम्पूर्णता एवं महत्ता को आम जनता तक पहुँचाना तथा किसी प्रकार की भाषा इत्यादि जैसे पैमाने को बाध्यता रखे बिना भावनाओं को कला के माध्यम से प्रदर्शित करना है।
अर्हता- प्रतिभागी का किसी भी महाविद्यालय या विद्यालय का छात्र या छात्रा होना अनिवार्य है।
पंजीयन- इच्छुक छात्र-छात्राएँ www.tooryanaad.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं।
विवरण- यह प्रतियोगिता दो चरणों में होगी। इसमें दो श्रेणियों में प्रविष्टियाँ भेजी जा सकती हैं।
  1. चित्रकला- यह एक ऐसी कला है जिसमें भावों और विचारों को चित्र के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
  2. छायाकारी- यह कला वास्तविकता के बारे में बताता है। एक छायाकार एक क्षण की महत्ता को दर्शाता है।
नोट- प्रतियोगिता में किसी भी प्रकार के बदलाव के सर्वाधिकार राजभाषा कार्यान्वयन समिति, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान अपने पास सुरक्षित रखती है। किसी भी प्रकार की वाद विवाद की स्थिति में समिति का निर्णय अंतिम व सर्वमान्य होगा।
दिनांक और समय प्रथम चरण-8- सितम्बर-2019 तक
ऑनलाइन
अंतिम चरण- 14-सितम्बर-2019/प्रातः 9 बजे से 5 बजे
नव शिक्षण खण्ड(NTB)
समन्वयक श्रेया प्रकाश- 9981523958
तोषिका चोयल- 7999869325
पुरस्कार फोटोग्राफी- प्रथम पुरस्कार-3000₹
द्वितीय पुरस्कार-2000₹
पेंटिंग- प्रथम पुरस्कार-3000₹
द्वितीय पुरस्कार-2000₹
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  • यह चरण ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा जिसमें प्रतिभागियों को विषय पर आधारित अपनी प्रविष्टियाँ [email protected] पर भेजनी होगी।
  • इस वर्ष की सृजन प्रतियोगिता “भारत का गौरवशाली इतिहास” (इतिहास किसी व्यक्ति, वस्तु या फिर किसी भी विषय से संबंधित हो सकता है।) विषय पर है।
  • निर्णायकों द्वारा दोनों वर्गों से श्रेष्ठ प्रविष्टियों का चयन अगले चरण के लिए किया जाएगा।
  • ऑनलाइन प्रविष्टियाँ भेजने की अंतिम तिथि 8 सितंबर है।
  • प्रथम चरण में चयनित प्रतिभागियों को अपनी प्रविष्टि के साथ-साथ, प्रविष्टि का विवरण कूरियर द्वारा भेजना होगा या व्यक्तिगत रूप से लानी होंगी।
  • कलाकृतियों के लिए प्रदर्शनी का आयोजन होगा।
  • निर्णायक एवं दर्शकों के मतदान के आधार पर विजेता घोषित किए जाएँगे।