समूह नृत्य
"घुंघरु की झन झन झन ध्वनि से समूचा कक्ष रहे गुंजित,
नित नए बोल संगत करें छुम-तक्छुम-तक्छुम-त्रांग-तिट-किट।"
उद्देश्य- भारत का गौरवशाली इतिहास दर्शाना।
अर्हता- प्रतिभागी का भारत के किसी भी महाविद्यालय का छात्र या छात्रा होना अनिवार्य है।
पंजीयन- इच्छुक छात्र-छात्राओं को www.tooryanaad.in पर पंजीयन करना होगा।
अन्य नियमावली-
  1. समूह में केवल छात्र, छात्राएँ या दोनों हो सकते हैं।
  2. पोशाक व गीत भी भारतीय संस्कृति से सम्बंधित होने चाहिए।
  3. समूह में 4 से 8 लोग हो सकते हैं।
चयन का आधार- विजेता समूह का चयन इन गुणों के आधार पर होगा।
  1. भावभंगिमा
  2. वेशभूषा
  3. नृत्यपद (स्टेप्स)
  4. तालमेल
  5. नवीनता
नोट- प्रतियोगिता में किसी भी प्रकार के बदलाव के सर्वाधिकार राजभाषा कार्यान्वयन समिति मौ.आ.रा.प्रौ.सं. अपने पास सुरक्षित रखती है। किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में समिति का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा।
दिनांक और समय प्रथम चरण-8-सितम्बर-2019 तक
ऑनलाइन
द्वितीय चरण - 14-सितम्बर-2019 / प्रातः 9 बजे से 5 बजे
नव शिक्षण खण्ड(NTB)
समन्वयक हरिणी- 9052710111
शैलजा गौर- 7617294427
पुरस्कार प्रथम पुरस्कार - 10000 ₹
द्वितीय पुरस्कार - 7000 ₹
तृतीय पुरस्कार - 3000₹
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  • इस चरण में चयन भेजी गई ऑनलाइन वीडियो के आधार पर किया जाएगा।

    नियमावली-
  • ऑनलाइन प्रतिभाग करने के लिए प्रतिभागी समूह को वेबसाइट पर दिए गए लिंक पर निर्धारित दिनांक से पहले अपनी नृत्य प्रस्तुति का वीडियो भेजना होगा।
    1. सभी महाविद्यालयीन छात्र–छात्राएँ इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं।
    2. समूह में 4 से 8 लोग हो सकते हैं।
    3. सभी समूहों को 2 से 3 मिनट का नृत्य का वीडियो भेजना होगा।
    4. नृत्य शास्त्रीय, लोकनृत्य, देशभक्ति या भारतीय संस्कृति से सम्बंधित हो सकता हैI
    5. आप अपने वीडियो व्हाट्सएप पर भेज सकते हैं और अगर आपने पहले भी कहीं नृत्य का प्रदर्शन किया हो तो उस वीडियो को भी भेज सकते है।
  • सभी चयनित समूहों को अपनी प्रस्तुति मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में देनी होगी ।
  • आपकी नृत्य की प्रस्तुति 3-5 मिनट की होनी चाहिए।
  • अंतिम चरण में चयनित प्रतिभागियों को अपने नृत्य का प्रदर्शन देना होगा और उनकी वह प्रस्तुति प्रथम चरण में भेजे गए वीडियो का विस्तारित रूप होना चाहिए।
  • ऑनलाइन भेजी गयी प्रविष्टि में जितने प्रतिभागी थे, उन्ही प्रतिभागियों को अंतिम प्रस्तुति मौ.आ.रा.प्रौ.सं. में देनी होगी।
  • प्रथम तीन विजेता समूहों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।