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अखिल भारतीय छात्र-संसद

“हिन्दुस्तानी विधान मंदिर का, होगा अब सत्कार तूर्यनाद में जब गूंजेगा, कार्यपालिका का सूत्र सार”

किसी भी लोकतंत्र का स्तंभ राजनैतिक व प्रशासनिक गतिविधियाँ होती हैं और इसी लोकतंत्र स्तंभ की आधार-शिला हैं युवा। युवाओं को लोकतांत्रिक गतिविधियों से जोड़कर उनमें आत्मविश्वास और सामाजिक मुद्दों के प्रति विचारशीलता व जागरुकता विकसित करने के उद्देश्य से ही छात्र-संसद का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यतः चर्चा आधारित यह कार्यक्रम विभिन्न चरणों द्वारा प्रतिभागियों की तर्कक्षमता, भाषा शैली, नेतृत्वक्षमता, विषय-ज्ञान आदि का परीक्षण करेगा।
छात्र संसद का आयोजन विद्यार्थियों की देश एवम् समाज के प्रति विचारधारा मार्गदर्शित करने हेतु , विचारशीलता विकसित करने के लिए एवम् उनके अंदर आत्मविश्वास जागृत करने हेतु किया जाता है। यह प्रतियोगिता तीन चरणों में संपन्न हुई। इस प्रतियोगिता में भारत के सभी महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएँ भाग ले सकते थे। प्रतियोगिता संसदीय कार्यप्रणाली के तर्ज पर आयोजित की गयी। प्रथम चरण में प्रतिभागियों का चयन वाद-विवाद प्रतियोगिता द्वारा किया गया। प्रथम चरण में 250 प्रतिभागी चयनित हुए। द्वितीय चरण में प्रथम चरण के चयनित प्रतिभागियों का प्रशिक्षण किया गया। उन्हें विभिन्न पद प्रदान किये गये, पक्ष, विपक्ष एवं वाम दल में बाँटा गया। कार्यपालिका की कार्य शैली से पूर्णतः अवगत कराया गया। प्रतियोगिता का तीसरा व अंतिम चरण सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में आयोजित किया गया। इस चरण के आरंभ में प्रतिभागियों के समक्ष एक विधेयक प्रस्तावित किया गया, फिर चुने हुए प्रतिभागियों को विधेयक पर चर्चा करने का अवसर दिया गया। चर्चा के पश्चात् प्रश्न काल एवं शून्य काल संपन्न हुए जिसके बाद मतदान किया गया। इस चरण में प्रतियोगिता की मुख्य प्रकिया का संचालन किया गया जिसके अंतर्गत क्रमशः निम्न चरणों में प्रक्रिया सम्पन्न की गयी :- सभापति आगमन, शपथ ग्रहण, विधेयक प्रस्तुति, शून्य काल, विधेयक पर चर्चा, प्रश्न काल, मतदान व सत्र समापन। प्रतियोगिता की कुल ईनामी राशि ₹20000 थी।
छात्रों को संसदीय कार्यप्रणाली से जागरुक कराने और राजनीति में उनकी सक्रिय भागीदारी के उद्देश्य से ‘तूर्यनाद –15’ के अंतर्गत छात्र संसद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता दो चरणों में संपन्न की गई। प्रथम चरण में समूह परिचर्चा का आयोजन किया गया। प्रथम चरण से 250 प्रतिभागियों का चयन अंतिम चरण हेतु किया गया। अंतिम चरण में चयनित छात्रों को तीन दलों पक्ष (90), विपक्ष (70) व वामदल (40) में विभाजित किया गया एवं अंतिम चरण से पूर्व विभिन्न दलों में विभिन्न पदों हेतु चुनाव आयोजित किये गए। अंतिम चरण में विधेयक प्रस्ताव व परिचर्चा का आयोजन किया गया। विधेयक का विषय ‘तकनीकी छात्र प्रशिक्षण विधेयक 2015’ रखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत शून्यकाल से हुई, जिसमें चर्चा का विषय ‘राजनीतिक पार्टियों को सूचना के अधिकार के तहत आना चाहिए या नहीं’ रखा गया। शून्यकाल के पश्चात् सभापति महोदय द्वारा शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री ने प्रथम वाचन में विधेयक से संबंधित प्रश्न किये गए। विपक्ष दल जब पक्ष दल के तर्कों से संतुष्ट नहीं हुआ तो कुछ समय के लिए संसद से बहिर्गमन कर दिया व संसद की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी तथा संसदीय कार्यमंत्री ने विपक्ष से निवेदन कर पुनः सदन की कार्यवाही को शुरू करवाया। द्वितीय वाचन में विधेयक पर परिचर्चा को आगे बढ़ाया गया तथा तृतीय वाचन में विधेयक के पक्ष-विपक्ष में मतदान किया गया। प्रतियोगिता का अंतिम चरण डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में आयोजित किया गया था। प्रतियोगिता की कुल पुरस्कार राशि ₹ 10000 थी।
यह प्रतियोगिता कई उद्देश्यों के साथ आयोजित की गयी जिनमें एक उद्देश्य प्रतिभागियों(युवाओं) के आत्मविश्वास, वक्तृत्व कौशल एवं नेतृत्व क्षमता का विकास भी था। राजनीति में सहभागिता बढ़ाने के लिए तथा उन्हें देश की संसदीय कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए तूर्यनाद के अंतर्गत प्रतिवर्ष छात्र संसद का आयोजन किया जाता है। छात्र संसद न केवल भारतीय संसद का मूर्तरूप वरन् यह संसद भारतीय राजनीति में युवाओं की रुचि, कानून निर्माताओं एवं विधायी कार्यों, कार्यपालिका की शक्ति की परिचायक भी थी। यह प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित की गई। भारत के किसी भी महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ इसमें प्रतिभाग कर सकते थे। प्रथम चरण में प्रतिभागियों को प्रदत्त समसामायिक विषय पर दो मिनट का वक्तव्य प्रस्तुत करने को कहा गया। प्रतिभागियों की भावभंगिमा, ज्ञान एवं वाक्पटुता के आधार पर उनका चयन, समूह वार्ता के लिए किया गया। समूह वार्ता का विषय छात्र संसद के विधेयक से सम्बंधित रखा गया तथा प्रतिभागियों की नेतृत्व क्षमता, आपसी संवाद एवं वाक्कौशल के आधार पर उनका चयन छात्र संसद के सदस्य अर्थात् सांसद के रूप में किया गया। सांसदों को तीन समूह पक्ष, विपक्ष एवं वामदल में विभाजित किया गया तत्पश्चात् उनके मध्य लोकतान्त्रिक प्रणाली से मतदान कराकर मंत्रिमंडल, नेता प्रतिपक्ष एवं नेता वामदल का चयन किया गया। मत्रिमंडल के सदस्यों एवं शेष सभी सांसदों को अगले(अंतिम) चरण में उपस्थित होने को कहा गया। अंतिम चरण में संसद का आयोजन किया गया, जहाँ उनके मध्य समिति द्वारा बनाये विधेयक को लेकर तथ्यात्मक संवाद हुआ। विधेयक का नाम ‘उच्च शिक्षा सुधार विधेयक 2014’ था। अंत में निर्णायक द्वारा शीर्ष 3 प्रतिभागी विजेता घोषित किये गये। अंतिम चरण डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में आयोजित किया था। प्रतियोगिता की कुल ईनामी राशि ₹ 20000 थी।
छात्रों को संसदीय कार्य प्रणाली से अवगत कराना और राजनीति में शामिल करना अत्यंत आवश्यक है, इसी ध्येय के साथ छात्र संसद का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित की गयी। प्रतियोगिता के प्रथम चरण में लिखित परीक्षा एवं समूह परिचर्चा का आयोजन किया गया। समूह परिचर्चा के पश्चात् 225 छात्रों का चयन अंतिम चरण के लिए किया गया। अंतिम चरण में चयनित छात्रों को 3 दलों – पक्ष, विपक्ष व तटस्थ में विभाजित किया गया। प्रत्येक दल में विभिन्न पदों के लिए चुनाव आयोजित किये गए तथा चुनाव प्रक्रिया को लोकतांत्रिक बनाने का पूरा प्रयास किया गया। अंतिम चरण में विधेयक प्रस्ताव व परिचर्चा का आयोजन किया गया। विधेयक का विषय ‘उच्च तकनीकी शिक्षा सुधार’ रखा गया जिसमें भारतीय शिक्षण सेवाओं, संस्थानों में छात्र संसद की स्थापना, प्रायोगिक ज्ञान बढ़ाने जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर बात की गयी। शीर्ष तीन विजेताओं को ₹18,000 की कुल पुरूस्कार राशि से पुरुस्कृत किया गया।

तूर्यनाद'17

    • एक विषय देकर 10 मिनट का समय दिया जाएगा जिस पर 10 विद्यार्थी आपस में समूह परिचर्चा करेंगे।
    • तर्कक्षमता, भाषा-शैली और आत्मविश्वास के आधार पर शीर्ष 250 विद्यार्थियों का संसद के लिए चयन होगा।
    • प्रथम चरण के प्रदर्शन के आधार पर समिति द्वारा पक्ष, विपक्ष और वामदल में क्रमशः 100, 80 और 70 छात्र विभाजित किए जाएँगे।
    • सभी सदस्य अपने दल के किन्हीं दो पदों के लिए नामांकन कर सकते हैं। पद के लिए अपनी दावेदारी साबित करने के लिए 2 मिनट का भाषण देना होगा। निर्णायकों द्वारा चुने गए शीर्ष 5 में से दल के मतदान द्वारा पद पर नियुक्ति होगी।
    • 9 से 9:30- सभापति आगमन, राष्ट्रगान, अभिभाषण एवं शपथ ग्रहण।
    • 10:30से 11:30- प्रश्नकाल जिसमें मंत्रियों से उनके विभाग से संबंधित प्रश्न पूछे जाएँगे।
    • 11:30 से 12:30- शून्य काल जिसमें पूर्वनिर्धारित विषय पर सरकार के निर्णयों पर प्रश्न पूछे जाएँगे।
    • 12:30 से 1:00- भोजन अवकाश
    • 1:00 से 2:00- द्वितीय वाचन का द्वितीय चरण जिसमें खंचवार चर्चा होगी। किसी बिंदू पर संशोधन हेतु अधिकतम 3 बार मौखिक मतदान कराया जा सकता है।।
    • 2:00 से 3:00- तृतीय वाचन जिसमें विधेयक के पक्ष व विपक्ष में तर्क दिए जाएँगे।
    • अंत में संशोधित विधेयक के पारित होने/ न होने पर मतदान होगा।

समय सारिणी

चरण दिनांक समय स्थान
प्रथम चरण 27 अक्टूबर 2017 2 से 4 बजे नव जनपद विभाग, मैनिट
द्वितीय चरण 28 अक्टूबर 2017 दोपहर 9 से 11बजे नव जनपद अभियांत्रिकी विभाग, मैनिट
तृतीय चरण 29 अक्टूबर 2017 प्रातः 9 से 3 बजे डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान, भोपाल