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भारतीय परिधानिका-स्वदेशी फैशन शो

यूँ चढ़ जाता है चेहरे पर जब रंग परिधान का,
इस रंगीनियत और संस्कृतियों का अद्भुत मेल है परिधानिका।

भारत देश विभिन्न संस्कृतियों से परिपूर्ण एवं सौंदर्य-समृद्ध देश है। यहाँ प्रचलित भिन्न-भिन्न संस्कृतियाँ ही हमारी पहचान है। इन सब संस्कृतियों एवं उनके सौंदर्य के सामंजस्य को प्रदर्शित करना ही परिधानिका का मुख्य उद्देश्य है।
संपर्क
हर्ष गुप्ता +91-9462500306
रितिका चौकसे +91-7610636306

तूर्यनाद'18

  • नियमावली-
  • समूह में केवल छात्र, केवल छात्राएँ या दोनों सहभागिता दर्ज करा सकते हैं।
  • समूह में 6 से 8 प्रतिभागी हो सकते हैं।
  • प्रत्येक समूह को अपनी समूह छायाचित्र (फोटो) तूर्यनाद पेज – https://www.facebook.com/tooryanaad पर इनबॉक्स करनी होगी या tooryanaad@gmail.com पर मेल करनी होंगी।
  • रूपरंग (Theme) - प्रतिभागियों में छात्राओं को साड़ी पहनने की विभिन्न शैलियों का व छात्रों को धोती कुर्ता, मोजरी एवं साफा (पगड़ी) की विभिन्न शैलियों का प्रदर्शन करना होगा। इसके लिए प्रतिभागी समूह को अपने छायाचित्र नियमावली में दिए गए निर्देशों के अनुसार भेजना होगा।
  • प्रतिभागियों को अपने समूह के सभी सदस्यों का नाम, तूर्यनाद पंजीयन क्रमांक, महाविद्यालय का नाम और समूह प्रमुख का संपर्क सूत्र छायाचित्र के साथ ही इनबॉक्स करना होगा।
  • सभी समूहों को किसी भी फार्मेशन में एक समूह छायाचित्र भी भेजना होगा।
  • ऑनलाइन प्रविष्टियाँ भेजने की अंतिम तिथि 6 सितम्बर है।
  • रूपरंग (Theme) -भारत विविधताओं का देश है। यहाँ विविधता सिर्फ संस्कृतियों में ही नहीं, परिधानों में भी है। भारतीय संस्कृति अनेकता में एकता एवं अखंडता वाली संस्कृति है। अनेकता में एकता भारतीय संस्कृति की विशेषता है। भारत के विभिन्न राज्यों की संस्कृति एवं परिधानों में भी विविधता पाई जाती है। प्रथम चरण में चयनित प्रतिभागी समूह भारत के किन्हीं दो राज्यों के परिधान पहनकर उन राज्यों की संस्कृति को प्रदर्शित कर सकते हैं, जिससे कि हम दो राज्यों के बीच का ताल मेल दिखा सकें। अपने परिधानों के साथ प्रतिभागी समूह, प्रॉप्स का भी प्रयोग कर सकते हैं।
  • ध्यान दें – समूह के आधे प्रतिभागी एक राज्य के परिधान पहनकर एवं बचे हुए आधे प्रतिभागी दूसरे राज्य के परिधान पहनकर उन राज्यों की संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे।
  • समय सीमा- दो से तीन मिनट।