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भारतीय परिधानिका

“धरोहर से, मनोहर से, अद्भुत मेल परिधान का कृतियों का संस्कृतियों का संगम है परिधानिका ”

भारत देश विभिन्न संस्कृतियों से परिपूर्ण एवं सौंदर्य-समृद्ध देश है। यहाँ की भिन्न-भिन्न संस्कृतियाँ ही हमारे देश की पहचान हैं। इन सब संस्कृतियों एवं उनके सौन्दर्य को प्रदर्शित करना।
भारत देश विभिन्न संस्कृतियों से परिपूर्ण एवं सौंदर्य-समृद्ध देश है। यहाँ की भिन्न-भिन्न संस्कृतियाँ ही हमारे देश की पहचान हैं। इन सब संस्कृतियों एवं उनके सौन्दर्य को प्रदर्शित करने हेतु स्वदेशी फैशन शो ‘परिधानिका’ का आयोजन किया जाता है। परिधानिका प्रतियोगिता दो चरणों में संपन्न हुई एवं इस वर्ष परिधानिका का विषय “भारतीय कबीलाई व प्रादेशिक संस्कृति रखा गया”। प्रथम चरण में प्रतिभागी समूहों को भारतीय परिधान पहन कर अपने छायाचित्र अणुडाक, व्हाट्स-एप्प अथवा फेसबुक द्वारा समिति को भेजने थे। प्रथम चरण में 11 समूहों को अंतिम (द्वितीय) चरण के लिए चयनित किया गया। द्वितीय चरण में प्रतिभागियों के समूह को किसी एक कबीले या किसी एक प्रदेश की संस्कृति को दर्शाते हुए वस्त्र पहन कर रैंप पर पदचाल एवं समूह रचना करनी थी। द्वितीय चरण डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में आयोजित किया था। प्रतियोगिता की कुल ईनामी राशि ₹ 20000 थी।
भारत ‘अनेकता में एकता’ का देश है। भारत माँ ने अपनी गोद में विभिन्न संस्कृतियों को पाला पोसा है। इन सभी संस्कृतियों की अलग अलग वेशभूषायें, खान पान, भाषायें सभी आकर्षण का केंद्र है। इन्हीं विविधताओं से हमारे विद्यार्थियों व दर्शकों को परिचित करने के उद्देश्य से तूर्यनाद – 15 के अंतर्गत स्वदेशी फैशन शो ‘परिधानिका’ का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता तीन चरणों में आयोजित की गई। भारत के सभी महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएँ समूह में इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते थे।प्रतियोगिता का प्रथम चरण ऑनलाइन आयोजित किया गया था। इस चरण में प्रतिभागियों द्वारा विभिन्न संस्कृतियों की वेशभूषायें धारण की हुई प्रस्तुतियाँ वीडियो के रूप में भेजी गयी, जिनमें से 11 दलों का चुनाव अगले चरण हेतु किया गया। द्वितीय चरण में इन दलों द्वारा अपनी प्रस्तुति संस्थान प्रांगण में हुई, जहाँ से 9 दलों का चयन किया गया। प्रतियोगिता के अंतिम चरण में चयनित 9 दलों द्वारा अपनी प्रस्तुति में लखनवी तहज़ीब, राजपूताना शौर्य, मराठी संस्कृति, बंगाल की दुर्गा पूजा, दक्षिण भारत की सादगी व विविधता तथा भारत के उत्तर-पूर्व की विविध छटाएँ बहुत ही मनोहारी ढंग से प्रदर्शित की गई। अंत में अपनी प्रस्तुति के आधार पर शीर्ष 3 दलों को विजेता घोषित किया गया। अंतिम चरण डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में आयोजित किया था। प्रतियोगिता की कुल पुरस्कार राशि ₹18000 थी।

तूर्यनाद'17

  • नियमावली-
    • समूह में केवल छात्र, केवल छात्राएँ या दोनों सहभागिता दर्ज करा सकते हैं।
    • समूह में 6 से 8 प्रतिभागी हो सकते हैं।
    • प्रत्येक समूह को अपनी समूह छायाचित्र (फोटो)तूर्यनाद पेज - https://www.facebook.com/tooryanaad पर इनबॉक्स करनी होगी।
  • रूप-रंग (theme):
  • प्रतिभागियों में छात्राओं को साड़ी पहनने की विभिन्न शैलियों का व छात्रों को धोती कुर्ता एवं मोजरी पहनने की शैलियों का प्रदर्शन करना होगा। इसके लिए प्रतिभागी समूह को अपने छायाचित्र नियमावली में दिए गए निर्देशों के अनुसार भेजना होगा।
    • प्रतिभागियों को अपने समूह के सभी सदस्यों का नाम ,तूर्यनाद पंजीयन क्रमांक, महाविद्यालय का नाम,और समूहप्रमुख का संपर्क सूत्र छायाचित्र के साथ ही इनबॉक्स करना होगा।
    • प्रतियोगिता के लिए छायाचित्र 8 अगस्त से 21 अगस्त तक भेजे जा सकते हैं।
    • सभी समूहों कोकिसीभीफार्मेशन में एक समूह छायाचित्र भी भेजना होगा।
  • निर्णय का आधार-
  • परिधान
  • पृष्ठभूमि (background)
  • रचनात्मकता
  • आप अपने छायाचित्र तूर्यनाद पेज पर मेसेज कर सकते हैं, जिसकी लिंक निम्नवत हैं -
  • लिंक: https://www.facebook.com/tooryanaad या Whatsapp पर भी भेज सकतेहै|
  • Whatsapp संपर्क सूत्र : अदिति पवार - 8823879768
    • चयनित प्रतिभागियों को पूर्वनिर्धारित रूपरंग का चयन कर अंतिम चरण में अपने परिधानों का प्रदर्शन करना होगा।
    • आप अपना विवरण तूर्यनाद पेज पर सन्देश द्वारा भेज सकते हैं।
    • रूप-रंग(theme)
    • भारत प्राचीनकाल से ही त्यौहारों की भूमि रही है। हालाँकि सम्पूर्ण देश में हर त्यौहार मनाया जाता है, परंतु अधिकतर त्यौहार किसी एक क्षेत्र विशेष से जुड़े होते हैं और वहीं पर सबसे ज़्यादा जोश उमंग से मनाए जाते हैं, जैसे राजस्थान में गणगौर, पंजाब में लोहड़ी,गुजरात में नवरात्रि एवं बंगाल में दुर्गापूजा आदि। हर त्यौहार की अपनी एक वेशभूषा होती है। इस साल परिधानिका का अंतिम चरण त्यौहारों के परिधान पर आधारित होगा।चयनित प्रतिभागी समूह किसी भी एक या उससे अधिक भारतीय त्यौहार के परिधानपहन कर उन त्यौहारों को प्रदर्शित कर सकते हैं। अपने परिधानो के साथ प्रतिभागी समूह प्रॉप्स का भी उपयोग कर सकते हैं।

    समय सारिणी

    चरण दिनांक समय स्थान
    प्रथम चरण 07 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2017 ---------- ऑनलाइन
    अंतिम चरण 27 अक्टूबर 2017----- राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल