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नुक्कड़ नाटक

वो भागते हैं, चिल्लाते हैं वो पागल भी कहलाते हैं। अपनी बातों से ये हुडदंगी जागरण का शंख बजाते हैं।।

"नुक्कड़ नाटक" खेल-खेल में जन-जागरण की सीख देने का वो सशक्त माध्यम है जो अनेकों लोगों के मध्य अपनी बात को पूर्ण तर्क और विश्वास के साथ रखता है | ** मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल की राजभाषा कार्यान्वयन समिति प्रस्तुत करती हैं भारत के सबसे बड़े हिंदी महोत्सव "तूर्यनाद'17"द्वारा आयोजित "अखिल भारतीय नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता" देश के किसी भी महाविद्यालय का नुक्कड़ समूह इस प्रतियोगिता में भाग ले सकता है|
तूर्यनाद’16 में अखिल भारतीय नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य युवा वर्ग को समाज के ज्वलंत मुद्दों के प्रति न केवल जागरुक बनाना बल्कि उनको इन समस्याओं के प्रति कर्मठ, जवाबदेह व कर्तव्यपरायण बनाना है। प्रतियोगिता दो चरणों में संपन्न हुई। भारत के सभी महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएँ समूह में इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते थे। प्रतियोगिता का प्रथम चरण ऑनलाइन चरण था जिसके अंतर्गत नुक्कड़ समूहों से उनके द्वारा ही निर्मित व अभिनित नुक्कड़ का न्यूनतम पाँच मिनट का चलचित्र(अपकमव) आवेदन के रूप में माँगा गया। उसके आधार पर शीर्ष 15 समूहों का चुनाव अंतिम चरण के लिए किया गया। चयनित समूहों द्वारा अंतिम चरण में अपने नुक्कड़ की प्रस्तुति दी गयी। अंतिम चरण मौ. आ. रा. प्रौ. सं., भोपाल के प्रांगण में आयोजित किया गया। प्रतियोगिता की कुल ईनामी राशि ₹20000 थी।
‘नुक्कड़ नाटक’ प्रचीन काल से ही अपनी बात को समाज के सामने सरल व रोचक अंदाज में प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम रहा है। नाट्य प्रस्तुति का यह रूप जनता से सीधा संवाद स्थापित करता है। इसमें दृश्य परिवर्तन नहीं होता है बल्कि कलाकार विभिन्न संकेतों के माध्यम से इसकी सूचना देते हैं। इसके माध्यम से विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को प्रभावी तरीके से आम जनता के मध्य प्रस्तुत किया जा सकता है। अतः दर्शकों के सामने विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को उठाने तथा उनका समाधान ढूँढने के उद्देश्य से तूर्यनाद’15 के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता दो चरणों में संपन्न हुई।भारत के सभी महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएँ समूह में इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते थे। प्रतियोगिता का प्रथम चरण ऑनलाइन चरण था जिसके अंतर्गत नुक्कड़ समूहों से उनके द्वारा ही निर्मित व अभिनित नुक्कड़ का न्यूनतम पाँच मिनट का चलचित्र आवेदन के रूप में माँगा गया। उसके आधार पर शीर्ष समूहों का चुनाव अंतिम चरण के लिए किया गया। चयनित समूहों द्वारा अंतिम चरण में अपने नुक्कड़ की प्रस्तुति दी गयी। अंतिम चरण मौ. आ. रा. प्रौ. सं., भोपाल के प्रांगण में आयोगित किया गया। प्रतियोगिता की कुल ईनामी राशि ₹20000 थी।
किसी ने कहा “सिर्फ अंदाज-ए-बयाँ ही पूरी बात बदल देता है, नहीं तो दुनिया में कोई बात नयी नहीं है”। समाज के कुछ अनछुए मुद्दों को, ऐसे ही अपने ही अंदाज में, लोंगों तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है नुक्कड़ नाटक। प्रतियोगिता दो चरणों में संपन्न हुई। भारत के सभी महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएँ समूह में इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते थे। प्रतियोगिता का प्रथम चरण ऑनलाइन चरण था जिसके अंतर्गत नुक्कड़ समूहों से उनके द्वारा ही निर्मित व अभिनित नुक्कड़ का न्यूनतम पाँच मिनट का चलचित्र(अपकमव) आवेदन के रूप में माँगा गया। उसके आधार पर शीर्ष 10 समूहों का चुनाव अंतिम चरण के लिए किया गया। चयनित समूहों द्वारा अंतिम चरण में अपने नुक्कड़ की प्रस्तुति दी गयी। अंतिम चरण मौ. आ. रा. प्रौ. सं., भोपाल के प्रांगण में आयोगित किया गया। प्रतियोगिता की कुल ईनामी राशि ₹20000 थी।

तूर्यनाद'17

  • प्रथम चरण हेतु समूह के किसी भी एक नुक्कड़ का वीडियो या वीडियो का लिंक तथा समूह के सभी सदस्यों का विवरण एवं पंजीयन क्रमांक "प्रविष्टि : अखिल भारतीय नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता" के नाम से समय सीमा के अन्दर tooryanaad@gmail.com पर भेजना होगा।
  • सदस्यों की अधिकतम संख्या- 25
  • वीडियो के आधार पर ही समूह को अंतिम चरण में प्रस्तुति हेतु चयनित किया जायेगा।
  • प्रथम चरण में चयनित समूह द्वितीय चरण में मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान , भोपाल में प्रस्तुति देंगे।
  • नियम -
    • 1. नुक्कड़ का विषय, प्रस्तुति अथवा संवादों में बिलकुल भी अभद्रता नहीं होनी चाहिए।
    • समूह द्वारा अपनी प्रस्तुति देने हेतु अधिकतम समय सीमा 25 मिनट है।
    • समूह को वाद्य यंत्रों एवं नुक्कड़ से जुड़ी उपयोगी रंगमंच सामग्री प्रयोग करने की अनुमति है।
    • प्रस्तुति का समय निर्धारित समय-सीमा से अधिक होने की स्थिति में समूह के कुल अंकों में कटौती की जाएगी।
    • यदि समूह के द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ का विषय अथवा नुक्कड़ का कोई भाग निर्णायक मंडल को अनुचित लगता है तो समूह को प्रतियोगिता से निष्कासित किया जा सकता है।
    • निर्णय का आधार:
      • विषय
      • प्रस्तुति
      • रंगमंच से जुड़ी सामग्री (प्रॉप्स)
      • समूह का आपसी सामंजस्य

समय सारिणी

चरण दिनांक समय स्थान
प्रथम चरण 07 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2017---- ---
द्वितीय चरण 29 अक्टूबर 2017 प्रातः 9 बजे से 12 बजे सभागार के समक्ष मैदान , मैनिट