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समूह नृत्य

घुंघरू की झन-झन-झन ध्वनि से समूचा कक्ष रहे गुंजित,
नित नए बोल संगत करें छुम-तक्छुम-तक्छुम -त्रंग-तिट-किट |

भारतीय नृत्यों की विरासत अनादिकाल से ही बहुत समृद्ध रही है, भारत में भूतकाल में अनेक नृत्य कलाओं का विकास हुआ है जैसे मणिपुरी, कथक, ओड़िसी आदि और आजकल बॉलीवुड नृत्य भी एक नृत्य कला के रूप में देखा जाने लगा है। भारतीय नृत्य हमेशा से ही नृत्य के माध्यम से कई अनकही बातें कहने में सक्षम रहा है, पर आजकल लोग लोक नृत्यों को भूलते जा रहे हैं। समूह नृत्य तूर्यनाद का एक प्रयास है, भारतीय नृत्य की अभूतपूर्व कला से लोगों को एक बार फिर परिचित कराने की, आशा है की सफलता प्राप्त होगी।
संपर्क-
शैलजा गौर +91-7617294427
प्रीति कलुवा +91-9494830404

तूर्यनाद'18

  • इस चरण में चयन, भेजी गयी ऑनलाइन वीडियो के आधार पर किया जायेगा।
    नियमावली-
    1.ऑनलाइन प्रतिभाग करने के लिए प्रतिभागी समूह को अपनी नृत्य प्रस्तुति का वीडियो tooryanaad@gmail.com पर भेजना होगा।
    2.समूह में चार से नौ लोग हो सकते हैं।
    3.विडियो की समयावधि 2 से 3 मिनट होनी चाहिए।
    4.प्रथम चरण से 8 समूहों का चयन किया जायेगा।
    5.सभी महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं।
    6.पोशाक व गीत भी भारतीय संस्कृति से सम्बंधित होने चाहिए।
    7.ऑनलाइन प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि 6 सितम्बर है।
  • सभी चयनित समूहों को अपनी प्रस्तुति संस्थान में देनी होगी।
    नियमावली-
    1. सभी चयनित समूहों को अपनी प्रस्तुति संस्थान में देनी होगी।
    2.आपके नृत्य की प्रस्तुति 3 से 5 मिनट की होनी चाहिए।
    3.अंतिम चरण में चयनित प्रतिभागियों को अपने नृत्य का प्रदर्शन देना होगा और उनकी वह प्रस्तुति प्रथम चरण में भेजे गए वीडियो का विस्तारित रूप होना चाहिए।
    4. ऑनलाइन भेजी गई प्रविष्टि में जितने प्रतिभागी थे, उतने ही प्रतिभागियों को अंतिम प्रस्तुति संस्थान में आकर देनी होगी।
    5. प्रथम तीन विजेता समूहों को प्रथम, द्वितीये एवं तृतीये पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।