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समूह नृत्य

अरुणिम सुन्दरी स्वयं करें जब न्रत्य घुंघरू कर धारण, तब नेत्रों संग कर्ण हो मगन ऐसा द्रश्य सजे मनभावन।

भारतीय नृत्यों की विरासत अनादिकाल से ही बहुत समृद्ध रही है, भारत में भूतकाल में अनेक नृत्य कलाओं का विकास हुआ है जैसे मणिपुरी,कथक, उडीसी आदि और आजकल बोलीवुड नृत्य भी एक नृत्य कला के रूप में देखा जाने लगा है। भारतीय नृत्य हमेशा से ही नृत्य के माध्यम से कई अनकही बातें कहने में सक्षम रहा है, पर आजकल लोग लोक नृत्यों को भूलते जा रहे हैं। समूह नृत्य तूर्यनाद का एक प्रयास है भारतीय नृत्य की अभूतपूर्व कला से लोगों को एक बार फिर परिचित कराने की आशा है की सफलता प्राप्त होगी।
हिंदी के महायज्ञ ‘तूर्यनाद’ को सांस्कृतिक बनाने एवं नृत्य-संगीत के माध्यम से राजभाषा हिन्दी को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से तूर्यनाद’16 में ‘अखिल भारतीय समूह नृत्य प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता दो चरणों में संपन्न हुई। प्रतियोगिता में किसी भी महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ 4 से 8 व्यक्तियों के समूह में प्रतिभाग कर सकते थे। प्रथम चरण में प्रतिभागियों का चयन अपने नृत्य के भेजे गये 2 से 4 मिनट के चलचित्र के आधार पर किया गया। नृत्य, शास्त्रीय, लोकनृत्य, देशभक्ति या भारतीय संस्कृति से सम्बंधित हो सकते थे। द्वितीय चरण में सभी चयनित समूहों ने अपनी प्रस्तुति दी। द्वितीय चरण डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में आयोजित किया था। प्रतियोगिता की कुल ईनामी राशि ₹ 20000 थी।
भारत की सांस्कृतिक विविधता की मनोहर छटा अनुपम है। यहाँ पर विविध संस्कृतियों के दर्शन होते हैं, जिनकी भाषाएँ, परंपराएँ विविधता से परिपूर्ण है। इन सभी के शास्त्रीय नृत्यों की छटा तो अद्वितीय है। संस्कृतियों की इन्हीं विविधताओं से परिपूर्ण उनके शास्त्रीय नृत्यों को दर्शकों के सम्मुख प्रस्तुत करने के उद्देश्य से तूर्यनाद 15 में ‘अखिल भारतीय समूह नृत्य’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता दो चरणों में संपन्न हुई। प्रतियोगिता में किसी भी महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ 4 से 8 व्यक्तियों के समूह में प्रतिभाग कर सकते थे। प्रथम चरण में प्रतिभागियों का चयन अपने नृत्य के भेजे गये 2 से 4 मिनट के चलचित्र के आधार पर किया गया। नृत्य,शास्त्रीय, लोकनृत्य, देशभक्ति या भारतीय संस्कृति से सम्बंधित हो सकते थे। द्वितीय चरण में सभी चयनित समूहों ने महाविद्यालय के सभागार में प्रस्तुति दी। प्रतियोगिता की कुल पुरस्कार राशि ₹20000 थी।
पुराणों में वर्णित है कि नृत्य एक ऐसी विधा है जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने विचारों को बिना एक शब्द कहे सम्पूर्ण संसार को प्रकट कर सकता है। तूर्यनाद ने भी अपनी पारंपरिक आयोजनों से हटकर एवं रचनात्मकता को एक नयी दिशा देकर राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता समूह नृत्य आयोजन किया। यह प्रतियोगिता दो चरणों में संपन्न हुई। प्रतियोगिता में किसी भी महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ 4 से 8 व्यक्तियों के समूह में प्रतिभाग कर सकते थे। प्रतियोगिता के प्रथम चरण में नृत्य समूहों को अपनी प्रस्तुति का एक लघु चलचित्र बनाकर भेजना था। प्रस्तुति में किसी भी लोकनृत्य की या किसी लोकगीत पर अपने नृत्य की प्रस्तुति दी जा सकती थी। प्रथम चरण में शीर्ष 8 समूहों का चयन द्वितीय चरण के लिए किया गया और सभी चयनित समूहों को अपनी प्रस्तुति के लिए संस्थान में आमंत्रित किया गया। नृत्य समूहों ने अनेकों लोक नृत्य जैसे ओडिषी, मटकी, अहिराई, नौराता, भगोरिया आदि पर प्रस्तुति दी। अंत में निर्णायक द्वारा शीर्ष 3 समूहों को विजेता घोषित किया गया। द्वितीय चरण डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में आयोजित किया था। प्रतियोगिता की कुल ईनामी राशि ₹ 20000 थी।

तूर्यनाद'17

  • नियमावली :
  • 1. सभी महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएँ इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते है।
  • 2. समूह में केवल छात्र, छात्राएँ या दोनों हो सकते हैं।
  • 3.नृत्य– शास्त्रीय, लोकनृत्य, देशभक्ति, या भारतीय संस्कृति से सम्बंधित हो सकते हैं।
  • 4.पोशाक व गीत भी भारतीय संस्कृति से सम्बंधित होने चाहिए।
  • 5. समूह में 5 से 8 लोग हो सकते हैं।
  • प्रथम चरण :
  • इस चरण में समूहों का चयन, भेजी गयी ऑनलाइन वीडियो के आधार पर किया जायेगा |
  • 1. ऑनलाइन प्रतिभाग करने के लिए प्रतिभागी समूह को tooryanaad@gmail.com पर दिनांक 07 से 21अक्टूबर 2017 तक पहले अपनी नृत्य प्रस्तुति का वीडियो भेजना होगा|
  • 2. सभी समूहों को अपना 1:30 से 3 मिनट का नृत्य का वीडियो भेजना होगा |
  • 3. प्रथम चरण से 10 समूहों का चयन किया जायेगा |
  • 4. आप अपने वीडियो व्हाट्सएप पर भेज सकते हैं और अगर आपने पहले भी कही नृत्य का प्रदर्शन किया हो तो उस वीडियो को भेज सकते हैं। संपर्क सूत्र: +91 883 908 6583 (योगिता चौरासिया) +91 738 967 3140 (प्रीति कलुवा )
  • 5. अगर आपकी प्रस्तुति यूट्यूब में हैं तो आप उसका लिंक हमे भेज सकते हैं।
  • सभी चयनित समूहों को अपनी प्रस्तुति मौ.आ.रा.प्रौ.सं. में देनी होगी |
  • नियमावली :
  • 1. प्रथम चरण में चयनित समूहों को प्रतियोगिता में सीधा प्रवेश दिया जायेगा।
  • 2. प्रथम चरण से 10 समूहों का चयन होगा ।
  • 3. सभी चयनित समूहों को अपनी प्रस्तुति मौ.आ.रा.प्रौ.सं. में देनी होगी।
  • 4. आपकी नृत्य की प्रस्तुति 3-5 मिनट का होना चाहिए।
  • 5. अंतिम चरण में चयनित प्रतिभागियों को अपने नृत्य का प्रदर्शन देना होगा और उनकी वह प्रस्तुति प्रथम चरण में भेजे गए वीडियो का विस्तारित रूप होना चाहिए।
  • 6. प्रथम तीन विजेता समूहों को प्रथम द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जायेगा।

समय सारिणी

चरण दिनांक समय स्थान
प्रथम चरण 7 अक्टूबर 2017 से 21 अक्टूबर 2017 ऑनलाइन
द्वितीय चरण 28 अक्टूबर 20175 बजे से 7 बजे डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार ,मैनिट