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रचनात्मक लेखन

"कलमों की तलवारों से, भावों के रक्त बहाने को कूद पड़ो रचना-रण में, अपने कौशल दिखलाने को।"

लेखन का अर्थ है,’किसी विषय पर अपने विचारों को लिखित में प्रस्तुत करना ।’रचनात्मक लेखन के अंतर्गत व्यक्ति अपने विचारों को कलात्मक लेख के रूप में प्रस्तुत करता है ।
विदेशी भाषाओं के लोगों द्वारा किये जा रहे अंधानुकरण के कारण आज समाज में हिंदी भाषा का उपयोग करने और उसमें कुछ अच्छा लिखने की परंपरा को महत्त्व नहीं दिया जा रहा। ऐसी स्थिति में युवाओं को हिंदी में कुछ रचनात्मक लिखने और हिंदी का अधिकतम उपयोग करने की प्रेरणा देने के लिए तूर्यनाद’16 में रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता एक चरण में संपन्न हुई। प्रतियोगिता में भारत के किसी भी महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ प्रतिभाग कर सकते थे। इसमें प्रतिभागियों को दिये गये विषय पर लेख,कविता, कहानी, व्यंग्य अथवा निबंध लिखना था। यहाँ समय की कोई बाध्यता नहीं रखी गई थी। प्रतियोगिता संस्थान के जनपद अभियांत्रिकी विभाग में संपन्न हुई। रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता की कुल ईनामी राशि ₹10000 थी।
प्रत्येक व्यक्ति के मन में कहीं न कहीं एक लेखक छुपा रहता है तथा यह लेखक अपने अंतर्मन में कुछ न कुछ रचता रहता है, जिस किसी विषय पर इसका मन रम जाए। युवाओं के अंतर्मन में छिपे हुए इसी लेखक को बाहर निकालने के उद्देश्य से तूर्यनाद’ 15 के अंतर्गत ‘रचनात्मक लेखन’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता एक चरण में संपन्न हुई। प्रतियोगिता में भारत के किसी भी महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ प्रतिभाग कर सकते थे। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को एक-एक विषय प्रदान किया गया, जिस पर उन्हें अपने विचारों को लेख,कविता, कहानी,व्यंग्य अथवा निबंध इत्यादि के माध्यम से एक सूत्र में पिरोना था। प्रतियोगिता संस्थान के नवशिक्षण खंड में संपन्न हुई। रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता की कुल पुरस्कार राशि ₹10000 थी।
किसी महापुरुष का कथन है कि ”दुनिया में अगर किसी चीज को सलाम है, तो वो है रचनात्मकता“। छात्रों की रचनात्मकता को सामने लाने के लिए तूर्यनाद के अंतर्गत लेखन कार्यशाला प्रतियोगिता ‘ए भाई! जरा देख के लिखो’ का आयोजन कराया गया। प्रतियोगिता एक चरण में संपन्न हुई। भारत के किसी भी महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ इसमें प्रतिभाग कर सकते थे। इस प्रतियोगिता में काव्य पल्लवन, तात्कालिक लघु कथा प्रतियोगिता एवं तात्कालिक लघु लेख प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। काव्य पल्लवन में प्रतिभागियों को समिति द्वारा दिए गए विषयों पर काव्य की किसी भी विधा में रचनात्मकता को जन्म देना था। तात्कालिक लघु कथा में प्रतिभागियों को समिति द्वारा दिए गए विषयों पर एक लघु कथा का निर्माण करना था एवं तात्कालिक लघु लेख में प्रतिभागियों को समिति द्वारा दिए गए विषय पर एक लेख की उत्पत्ति करनी थी। विजेताओं को प्रमाण-पत्र, ट्राफी और पुरस्कार प्रदान किये गये।

तूर्यनाद'17

  • इच्छुक छात्र –छात्राएँ www.tooryanaad.in पर जाकर ऑनलाइन या प्रतियोगिता के समय भी ऑफलाइन पंजीयन करा सकते हैं ।
  • विवरण: –
  • 1.सम्पूर्ण प्रतियोगिता एक ही चरण में होगी ।
  • 2. प्रतिभागी अपने अनुसार लेखन की किसी भी विधा का चयन कर सकते हैं ।
  • 3. प्रतिभागियों को विषय सांकेतिक पंक्तियों के माध्यम से दिए जाएँगे, उन्हें अपनी युक्ति का प्रयोग कर विषय को पहचानना होगा। उदाहरण :- “मैं कुछ कह न सका” ।

समय सारिणी

चरण दिनांक समय स्थान
प्रथम चरण 29 अक्टूबर 201712 से 3 बजे नव जनपद अभियांत्रिकी विभाग