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अखिल भारतीय कवि सम्मेलन

“ना सुनी होंगी ऐसी कविताएँ, ना ही ऐसा राग दिल को छू जायें ऐसे, निकले बनकर आग।”

कवि वह है जो भावों को रसाभिषिक्त अभिव्यक्ति देता है और सामान्य अर्थ के परे विषय के गहन यथार्थ का वर्णन करता है। कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से हमें रोमान्चित एवं भावविभोर कर देते हैं। वह अपने लेखन से, विचारो से, संसार को मार्गदर्शन प्रदान करते आ रहे है। ज़रूरत है, इन्हें एक मंच प्रदान करने की, अतः एक नई चेतना प्रदान करने, वास्तविक परिस्थियों से अवगत कराने, मानवीय गुणों को प्रतिष्ठित करने और हिंदी को सुदृढ़ करने के लिए तूर्यनाद, सम्पूर्ण भारतवर्ष से युवा कवियों का आह्वान करता है ।
समाज में एक नयी चेतना जागृत करने के लिए, आमजन को वास्तविक परिस्थितियों से अवगत कराने के लिए, समाज में मानवीय गुणों को प्रतिष्ठित करने के लिए और हिंदी को सुदृढ़ करने के लिए तूर्यनाद’16 में ‘अखिल भारतीय युवा कवि सम्मेलन’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता 2 चरणों में सम्पन्न हुई। प्रतियोगिता में भारत के किसी भी महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ प्रतिभाग कर सकते थे। प्रथम चरण में प्रतिभागी को अपनी कवितापाठ की 2 से 5 मिनट की वीडियो भेजनी थी। जिनमें से सर्वश्रेष्ठ 5 कवियों का चयन अंतिम चरण के लिए किया गया। अंतिम चरण में कवियों द्वारा संस्थान के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में कविता पाठ किया गया। प्रत्येक कवि को प्रोत्साहन स्वरूप ₹ 5000 की सम्मान राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किये गये। **उभरता सितारा – इस वर्ष कवि सम्मेलन के अंतर्गत प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं हेतु इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। नयी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने हेतु आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य उभरते कवियों को अपनी कविताओं के प्रस्तुतीकरण, आत्मसंतोष पाने, विश्वास तथा उत्साह अर्जन के साथ ही अन्य कवियों की रचनाओं, प्रशंसा, आलोचना और तुलना से अपनी कविता में सुधार लाने के लिए प्रोत्साहन एवं अवसर प्रदान करना था।
कविता कल्पना का वह संसार है जिसमें कवि के शब्दों की नर्तकी यति, गति के स्पंदों पर कलाकृति प्रदर्शित करती है। कविता वह माध्यम है जिसका रसास्वादन करने वाला भावनात्मक रूप से उससे जुड़ जाता है, जहाँ कभी वह एक शिक्षिका की भाँति पाठक की अबोधता को शिक्षा देती है, तो कभी एक मित्र की भाँति हर कदम पर सहयोग के लिए तैयार रहती है। कवि अपनी कविता में समय का सृजन करता है, किन्तु यह समय उस वास्तविक समय से संबध बना लेता है जो कि इसे वर्तमान बनाए रखता है। वर्तमान युग के इस परिदृश्य में जहाँ हिंदी स्वयं ही भाषा के रूप में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है, वहाँ हिंदी कवियों व कविता को एक मंच देने के उद्देश्य से तूर्यनाद’15 में अखिल भारतीय युवा कवि सम्मेलन के आयोजन के साथ एक सार्थक प्रयास किया। यह कार्यक्रम दो चरणों में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में भारत के किसी भी महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ प्रतिभाग कर सकते थे।प्रथम चरण में कवियों द्वारा अपनी प्रस्तुति का वीडियो भेजा गया, जिनमें से निर्णायक मंडल द्वारा सर्वश्रेष्ठ पाँच प्रविष्टियों का चयन किया गया। अंतिम चरण में कवियों द्वारा संस्थान के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में कविता पाठ किया गया। प्रत्येक कवि को प्रोत्साहन स्वरूप ₹5000 की सम्मान राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किये गये।
भारत सदा से ही कवियों और कवियित्रियों से भरा-पूरा देश रहा है और हिंदी काव्य साहित्य बहुत ही प्राचीन व विस्तृत है परन्तु आज के आधुनिक युग में कविताएँ और कवि कहीं विलुप्त से होते जा रहे हैं और कारण है, अवसरों और पर्याप्त प्रोत्साहन की कमी। आज मनुष्य अपने विकास में इतना व्यस्त हो गया है कि कविताओं का सौंदर्य पहचान ही नहीं पा रहा है। आज जरूरत है भारत के कवियों को पुनः जगाने की और उन्हें वैश्विक पहचान देने की जिससे भारत का काव्य भंडार पुनः गौरव से भर जाए। ऐसी ही एक पहल तूर्यनाद’14 में अखिल भारतीय युवा कवि सम्मेलन के माध्यम से की गई। प्रतियोगिता 2 चरणों में सम्पन्न हुई। प्रतियोगिता में भारत के किसी भी महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ प्रतिभाग कर सकते थे। प्रथम चरण में प्रतिभागियों को अपनी कविता की प्रस्तुति का चलचित्र (वीडियो) बनाकर भेजने को कहा गया। जिनमें से निर्णायक मंडल ने 5 सर्वश्रेष्ठ कवियों का चयन किया एवं उन्हें संस्थान में प्रस्तुति हेतु आमंत्रित किया गया। अंतिम चरण में कवियों द्वारा संस्थान के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में कविता पाठ किया गया। प्रत्येक कवि को प्रोत्साहन स्वरूप ₹ 5000 की सम्मान राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किये गये।
कविता सबसे समर्थ माध्यम है, विचार अभिव्यक्ति का। कविताएँ जहाँ एक ओर मनुष्य को जोश से भर देती हैं, वहीं दूसरी ओर अश्रुधारायें भी बहा सकती हैं। भारत सदा से कवियों और कवियित्रियों से भरा-पूरा रहा है और हिंदी काव्य साहित्य बहुत ही प्राचीन और विस्तृत है। परन्तु आज के युग में कविताएँ और कवि कहीं विलुप्त से होते जा रहे हैं और कारण है, अवसरों और पर्याप्त प्रोत्साहन की कमी। आज ज़रूरत है हमें पुनः भारत के कवियों को जिंदा करने की और उन्हें वैश्विक पहचान देने की ताकि भारत का काव्य भण्डार पुनः भर जाए। ऐसी ही एक पहल तूर्यनाद’13 में अखिल भारतीय युवा कवि सम्मलेन के माध्यम से की गयी जिसमें कवियों का चुनाव सम्पूर्ण भारत के तकनीकी संस्थानों में से किया गया। सभी प्रतिभागियों को अपनी प्रस्तुति का वीडियो बना कर भेजने को कहा गया और निर्णायक मंडल ने 5 सर्वश्रेष्ठ कवियों का चयन किया। 29 सितम्बर को डॉ. सर्वपल्ली राधकृष्णन सभागार में आयोजित अखिल भारतीय युवा कवि सम्मलेन में चयनित 5 कवियों ने अपनी प्रस्तुति से सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

तूर्यनाद'17

  • पंजीयन: इच्छुक छात्र- छात्राओं को सर्वप्रथम www.tooryanaad.in पर अखिल भारतीय युवा कवि सम्मलेन हेतु पंजीयन करना होगा।
  • नियमावली-
    • सभी इच्छुक छात्र-छात्राओं को स्वरचित कविता का स्वप्रस्तुतीकरण कर ऑनलाइन प्रविष्टि भेजनी होगी।
    • कविताएँ मौलिक होनी चाहिए।
    • वीडियो की समयाविधि न्यूनतम 2 मिनिट व अधिकतम 5 मिनिट होनी चाहिए।
    • वीडियो में कवि का सम्पूर्ण शरीर दिखाई दे जिससे उनकी भावभंगिमा के मूल्यांकन में कोई समस्या न आये।
    • वीडियो में कवि की वेशभूषा में भारतीय परिधान अपेक्षित है।
    • प्रविष्टि भेजने के माध्यम :
      • कविता का वीडियो tooryanaad@gmail.com पर भेज सकते हैं।
      • वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड करके उसका लिंक tooryanaad@gmail.com पर अथवा 9644696012 पर whatsapp द्वारा भेज सकते हैं।
      • whatsapp संपर्क सूत्र: सौरभ मिश्रा: +919644696012
      • प्रविष्टि के साथ अपना नाम , महाविद्यालय का नाम, शैक्षणिक साल स्पष्ट रूप से भेजें।
      • प्रविष्टि के साथ अपना तूर्यनाद पंजीयन क्रमांक व संपर्क सूत्र भी भेजना होगा।
      • प्रविष्टि के साथ अपने महाविद्यालय पहचान पत्र का छायाचित्र संलग्न करे।
      • प्राप्त प्रविष्टियों में से सर्वश्रेष्ट 5 प्रविष्टियों के आधार पर 5 कवियों का चयन किया जाएगा।
      • चयनित शीर्ष 5 कवियों को प्रस्तुतीकरण हेतु मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में आमंत्रित किया जाएगा
      • राजभाषा कार्यान्वयन समिति का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा।
  • राधाकृष्णन सभागृह, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान,भोपाल चयनित शीर्ष 5 कवि अंतिम चरण में मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में अपनी कविताओं का प्रस्तुतीकरण करेंगे।

समय सारिणी

चरण दिनांक समय स्थान
प्रथम चरण 7 अक्टूबर से 21 अक्टूबर ---------------- ऑनलाइन
अंतिम चरण 29 अक्टूबर सायं 5 बजे से 7 बजे राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान,भोपाल