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भारत मंथन

“प्रश्नोत्तर का मंच नहीं ,ये मंच है राष्ट्र परिचय का भारत का गौरव दर्शन ,निज राष्ट्र ज्ञानअभिसंचय का”

विद्यार्थी जीवन में हम सभी का एक ही उद्देश्य होना चाहिए, अर्थात् अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु मार्ग में आने वाली बाधाओं का सामना करना, असफलताओं से न निराश होते हुए बल्कि उनसे सीख लेते हुए जीवनपथ पर आगे बढ़ते हुए लक्ष्य को प्राप्त करना। जीवनपथ की इस यात्रा में कुछ नया जानने और सीखने की जिज्ञासा का स्थान बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। विद्यार्थियों की इसी जिज्ञासा को एक अवसर प्रदान करते हुए बहुप्रतीक्षित एवं लोकप्रिय संस्थान स्तरीय प्रतियोगिता ‘भारत मंथन’ का आयोजन किया जा रहा है।
`भारत मंथन` एक प्रश्नमंच प्रतियोगिता है। प्रश्नमंच न सिर्फ सामान्य ज्ञान व समसामयिक घटनाओं पर आधारित प्रश्नों पर आधारित था अपितु भारत के गौरवपूर्ण इतिहास, प्राचीनकाल में भारत, विज्ञान एवं खेल जगत में भारत की उपलब्धियाँ, भारत के महापुरुष आदि विषयों पर आधारित प्रश्नों से परिपूर्ण था। भारत मंथन में पूछे गये प्रश्न, भारत की संस्कृति को गौरवान्वित करने एवं भारतीय होने पर गर्व की अनुभूति कराने में सक्षम थे। प्रतियोगिता तीन चरणों में संपन्न हुई। भारत के किसी भी महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ इसमें प्रतिभाग कर सकते थे। प्रथम चरण में सभी प्रतिभागियों ने दो-दो के दलों में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की लिखित परीक्षा दी। द्वितीय चरण हेतु अंकों के आधार पर दस दलों का चयन किया गया। द्वितीय चरण धड़ाधड़ चरण था। इसमें प्रत्येक दल से एक मिनट में 12 प्रश्न पूछे गये। अंकों के आधार पर अगले चरण के लिए 8 दलों का चयन किया गया। तृतीय चरण प्रतियोगिता का अंतिम एवं महत्त्वपूर्ण चरण था। इस चरण द्वितीय चरण से चयनित दलों से दृश्य-श्रव्य प्रश्नों से लेकर सभी तरह के प्रश्न पूछे गये। प्रतियोगिता सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में आयोजित की गई। प्रतियोगिता की कुल ईनामी राशि ₹6000 थी
जीवनपथ की इस यात्रा में कुछ नया जानने और सीखने की जिज्ञासा का स्थान बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। विद्यार्थियों की इसी जिज्ञासा को एक अवसर प्रदान करते हुए बहुप्रतीक्षित एवं लोकप्रिय संस्थान स्तरीय प्रतियोगिता ‘प्रश्नमंच’ का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता चार चरणों में संपन्न हुई। प्रथम चरण में सभी प्रतिभागियों के लिए एक लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया जिसमें 25 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का समागम था। इस प्रश्नपत्र को हल करने हेतु 10 मिनट का समय प्रदान किया गया। प्रश्नपत्र के माध्यम से विद्यार्थियों के न केवल हिंदी ज्ञान बढ़ाने बल्कि इतिहास, भूगोल, भारतीय विज्ञान एवं समसामयिक घटनाओं के ज्ञानार्जन पर जोर दिया गया। प्रथम चरण के पश्चात् शीर्ष 16 विद्यार्थियों का चयन किया गया, जिन्हें 2-2 के समूहों में विभाजित किया गया। द्वितीय चरण ‘धड़ाधड़ चरण’ के नाम से संबोधित किया गया। प्रत्येक दल से 1 मिनट के अंदर कई प्रश्न पूछे गए तथा उनके द्वारा दिए गए उत्तरों के आधार पर उनका मूल्यांकन किया गया। तृतीय चरण हेतु शीर्ष 6 समूहों को बढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रतियोगिता के इस चरण में विभिन्न रोचक प्रश्नों के पूछे जाने तथा समूहों द्वारा प्राप्त उत्तरों के आधार पर शीर्ष 3 दलों को अंतिम चरण में प्रवेश मिला। अंतिम चरण के रोमांच को बढ़ाते हुए हमारी ऑनलाइन आयोजित प्रश्नमंच प्रतियोगिता ‘निहारिका’ के शीर्ष 2 विजेताओं को वाइल्ड कार्ड प्रवेश दिया गया। अंतिम चरण ‘भोंपू चरण’ था। अर्थात् प्रत्येक दल के सामने ऑडियो विजुअल के माध्यम से प्रश्न रखा गया तथा जिस दल ने सर्वप्रथम भोंपू (बजर) दबाया, उसे उस प्रश्न का उत्तर देना था। गलत उत्तर पर ऋणात्मक मूल्यांकन का प्रावधान भी था। अंतिम चरण डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में आयोजित किया था। प्रतियोगिता की कुल ईनामी राशि ₹ 6000 थी।
तूर्यनाद’14 हिंदी महोत्सव में प्रश्नमंच का आयोजन किया गया। यह प्रश्नमंच न ही सिर्फ सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाओं से सम्बंधित प्रश्नों से परिपूर्ण था। अपितु भारतीय संस्कृति, प्राचीन भारत के गौरवपूर्ण इतिहास से युक्त भी था अतः इस प्रश्नमंच का नाम ‘भारत को जानो’ रखा गया। प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित की गयी। भारत के किसी भी महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ इसमें प्रतिभाग कर सकते थे। प्रतियोगिता के प्रथम चरण में एक लिखित परीक्षा आयोजित की गयी जिसमें प्राचीन भारतीय ज्ञान-विज्ञान परम्परा, उन्नत चिकित्सा शास्त्र, वेद-वेदांगों, भारतीय साहित्य से सम्बंधित 20 प्रश्न रखे गए जिन्हें हल करने हेतु 15 मिनट का समय दिया गया। गलत उत्तरों के नकारात्मक अंक भी प्रदान किये गए। प्रथम चरण के पश्चात् वरीयता क्रम के आधार पर शीर्ष 10 प्रतिभागियों को द्वितीय चरण के लिए चयनित किया गया। द्वितीय चरण के कई भाग रखे गए थे। प्रथम भाग ‘तड़ातड़’ था जिसके अंतर्गत प्रत्येक प्रतिभागी से 1 मिनट में लगातार प्रश्न पूछे गए जिनके ज्यादा से ज्यादा सही उत्तर देने थे। इस चरण के बाद 5 प्रतिभागी अगले भाग के लिए चयनित किये गए। अगले भाग में विषय विशेष से प्रश्न पूछे गए तथा 1 प्रतिभागी बाहर हुआ। अंतिम भाग में बचे हुए प्रतिभागियों से महापुरुषों के चित्र दिखाकर उनसे सम्बंधित प्रश्न पूछे गए। इस प्रकार कई चरणों की रोचक प्रतियोगिताओं के बाद अंकानुसार वरीयता के आधार पर शीर्ष 3 को विजेता घोषित किया गया। द्वितीय चरण डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में आयोजित किया था। प्रतियोगिता की कुल ईनामी राशि ₹ 4500 थी।
जीवन यात्रा के क्रम में सीखने और जानने का महत्त्वपूर्ण स्थान है, इसी बात को ध्यान में रखते हुए तूर्यनाद’13 में बहुप्रतीक्षित एवं लोकप्रिय संस्थानस्तरीय प्रतियोगिता ‘प्रश्नमंच’ का आयोजन किया गया, जो कि तूर्यनाद की प्रथम प्रतियोगिता भी थी। इस प्रतियोगिता का आयोजन तीन चरणों में हुआ। प्रथम चरण में सभी प्रतिभागियों के लिए एक लिखित प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया। इस प्रश्नपत्र में 20 वस्तुनिष्ठ प्रश्न रखे गए जिन्हें हल करने हेतु 10 मिनट का समय दिया गया। प्रथम चरण के पश्चात् वरीयता क्रम में 10 विद्यार्थियों का चयन द्वितीय चरण के लिए किया गया। इस चरण के अंतर्गत प्रतिभागियों से अधिकतम 1 मिनट के अंदर कई प्रशन पूछे गए एवं उनके द्वारा दिए गए सही उत्तरों के आधार पर उनका मूल्यांकन किया गया। यह सही उत्तर तृतीय चरण में चयन के आधार बने। प्रतियोगिता का तृतीय चरण सबसे मनोरंजक एवं रोचक रहा। इसके प्रथम चरण में विद्यार्थियों को महापुरुषों के चित्र दिखाकर उनके नाम पूछे गए। द्वितीय भाग में विद्यार्थियों से कथनों की सत्यता एवं असत्यता के बारे में पूछा गया। तृतीय चरण के सभी भागों में दिए गए सही उत्तरों के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया। प्रतियोगिता की कुल पुरस्कार राशि ₹6000 थी।

तूर्यनाद'17

  • अर्हता - देश के सभी महाविद्यालय के छात्र- छात्राएं।
  • सभी प्रतियोगियों को 2-2 के दलों में भाग लेना होगा। यह चरण लिखित प्रश्नपत्र के रूप में होगा। इस चरण से शीर्ष 16 दलों का चयन द्वितीय चरण के लिए किया जाएगा। समय सीमा- 30 मिनट प्रश्नों की संख्या- 50 सही उत्तर:- +3 अंक गलत उत्तर:- -1 अंक
  • 16 दलों को 8-8 दलों के 2 समूहों में बाँट दिया जायेगा। दोनों समूहों के शीर्ष 4 दलों को हमारे तृतीय व निर्णायक चरण में जाने का अवसर मिलेगा। इस चरण में प्रत्येक दल से 10-10 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनका सही उत्तर देने पर उन्हें 10 अंक दिए जाएंगे, गलत उत्तर देने पर 5 अंक घटा दिए जाएंगे एवम् पास बोलने पर अंक सुरक्षित रहेंगे। प्रत्येक पास किये गए प्रश्न का उत्तर अगले दल से पूछा जायेगा, यदि वो उसका सही उत्तर देते हैं तो +5 बोनस अंक दिए जाएंगे तथा गलत उत्तर पर कोई अंक नहीं दिया जाएगा। इस प्रकार 10-10 प्रश्नों के बाद दोनों समूहों के शीर्ष 4-4 दलों को निर्णायक चरण में जाने का अवसर मिलेगा।
  • यह चरण बेहद रोमांचक होगा। इसके अंतर्गत 8 दलों से विभिन्न उपचरणों में प्रश्न किये जाएंगे। जिनमें से कुछ हैं दृश्य व श्रव्य, 1 मिनट तक निरंतर प्रश्नों की बौछार, स्मरण क्षमता परखने के लिए स्क्रीन पर 10 सेकंड में 10 चित्र दिखाए जाएंगे फिर 8 दलों को 30 सेकंड के समय में अधिकतम चित्रों के नाम लिखने होंगे।

समय सारिणी

चरण दिनांक समय स्थान
प्रथम चरण- 28 अक्टूबर 20172 बजे से 4 बजे सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार , मैनिट