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आशु भाषण

“त्वरित बुद्धि लगा विषय पर, फटाफट से तू सोच। रखके मस्तिष्क में भाषण का सार, तत्काल से तू बोल।।”

किसी विषय पर बिना किसी तैयारी किए स्वाभाविक रूप से बोलना और तर्कों के माध्यम से अपनी बात को सिद्ध करना, अर्थात् तात्कालिक भाषण – वाक्चातुर्य या तर्क का युद्ध । विषय कुछ भी हो, अच्छी शुरुआत, कलात्मक भाषा एवं नपे-तुले तर्क आपको इस प्रतियोगिता का विजेता बना सकते हैं।
किसी विषय पर बिना किसी तैयारी किए स्वाभाविक रूप से बोलना और तर्कों के माध्यम से अपनी बात को सिद्ध करना, अर्थात् आशुभाषण- वाक्चातुर्य या तर्कयुद्ध। किसी भी महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर सकते थे। यह प्रतियोगिता दो चरणों में संपन्न हुई। प्रथम चरण में विषयों को 3 वर्गों में बांटा गया है 1. राजनीति एवं भ्रष्टाचार 2. सामाजिक समस्याएँ 3. सामान्य विषय। प्रतिभागियों को तीनों में से कोई एक वर्ग चुनने का मौका दिया गया, चयनित वर्ग में से कोई एक अनिवार्य विषय प्रतिभागी को दिया गया। तत्पश्चात् सोचने के लिए 2 मिनट का समय प्रदान किया गया। प्रत्येक प्रतिभागी को बोलने के लिए 2 मिनट का समय दिया गया। प्रस्तुतिकरण, भाषा-शैली एवं विषय वस्तु के आधार पर द्वितीय चरण के लिए प्रतिभागियों का चयन किया गया। इसके पश्चात् द्वितीय चरण का आयोजन हुआ, इस चरण में प्रतिभागी को एक छायाचित्र दिखाया गया एवं उस पर सोचने के लिए 2 मिनट का समय दिया गया तथा अपने विचार व्यक्त करने के लिए 2 मिनट का समय दिया गया। विजेता का चयन निर्णायकों के मतों एवं श्रोताओं के मतों के आधार पर किया गया। प्रतियोगिता का अंतिम चरण डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में आयोजित किया गया था। प्रतियोगिता की कुल ईनामी राशि ₹ 6000 थी।
विद्यार्थियों के हृदय से मंच पर आने के भय को समाप्त करना तथा उनकी चिंतन क्षमता को विकसित करने हेतु एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से तूर्यनाद’15 में इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित की गई थी। प्रथम चरण में प्रत्येक प्रतिभागी को अपना विषय चुनने के लिए 2 अवसर प्रदान किए गए। चुने हुए विषय पर विचार करने हेतु 1 मिनट तथा अपने विचार व्यक्त करने हेतु 1.5 मिनट का समय प्रदान किया गया। द्वितीय चरण हेतु विद्यार्थियों को उनकी स्पष्टता, प्रवाहमयता, बोधगम्यता और तार्किकता के आधार पर शीर्ष 10 प्रतिभागियों का चुनाव किया गया। द्वितीय चरण में प्रत्येक प्रतिभागी को 2 मिनट का समय विचार हेतु तथा 3 मिनट का समय उसे प्रस्तुत करने हेतु प्रदान किया गया। विजेताओं के निष्पक्ष चुनाव हेतु दर्शकों के मत की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी रखी गई और मतदान प्रक्रिया एवं निर्णायकों के मत के आधार पर शीर्ष 3 प्रतिभागियों को को विजेता घोषित किया गया। प्रतियोगिता का अंतिम चरण डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में आयोजित किया गया था। प्रतियोगिता की कुल ईनामी राशि ₹ 6000 थी।
वक्तव्य कला मतलब ‘बोलने की कला’ एक ऐसी कला है जिससे जटिल से जटिल समस्या भी अत्यंत सरल की जा सकती है। यह कला किसी भी इंसान को समाज में महत्त्वता दिला सकती है और उद्देश्य की पूर्ति भी करा सकती है। बातें करने में बहुत लोग निपुण होते हैं परन्तु किसी भी विषय पर अत्यंत कम समय में बगैर तैयारी के बोलना एक अलग ही विशेषता है। यह विशेष योग्यता विशेष प्रयासों के बाद ही संभव हो पाती है। इसी प्रयास के साथ तूर्यनाद’14 में तात्कालिक भाषण का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में दो चरणों का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में भारत के किसी भी महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ प्रतिभाग कर सकते थे। प्रथम चरण में सभी प्रतिभागियों को तात्कालिक रूप से दिए गए विषय पर 2 मिनट में अपने विचार व्यक्त करने थे। प्रतिभागियों की वक्तृत्व कला, भाषा-शैली तथा विषय-वस्तु के आधार पर निर्णायक महोदय ने वरीयता क्रम के आधार पर 10 प्रतिभागियों को द्वितीय चरण के लिए चयनित किया। डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में आयोजित हुए द्वितीय चरण में प्रथम चरण से चुने गए प्रतिभागियों को राष्ट्रीय तथा शैक्षणिक महत्त्व के मुद्दों पर 3 मिनट बोलने का समय दिया गया। प्रथम चरण की तरह ही इस चरण में भी प्रतिभागियों की वक्तृत्व कला, भाषा-शैली तथा आत्मविश्वास जैसे गुणों को महत्त्व दिया गया। प्राप्त अंकों के आधार पर शीर्ष तीन प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिता की कुल पुरस्कार राशि ₹ 4500 थी।
यथा समय और यथा जगह अपनी बात कह पाना भी एक अद्भुत हुनर है। इस हुनर के धनी केवल कुछ ही व्यक्ति होते हैं और ऐसी व्यक्ति ही आगे चलकर अपनी बात पूरे देश तक पहुँचा पाते हैं, पर व्यक्ति को उसकी योग्यता का अनुमान नहीं होता है व उसका हुनर व्यर्थ हो जाता है और हम अपने देश की योग्य जनता खो देते हैं। ऐसे योग्य व्यक्तियों को उनकी योग्यता का आभास कराने और उसको बढ़ावा देने हेतु तूर्यनाद’13 के अंतर्गत ‘तात्कालिक भाषण’ का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित की गयी। प्रथम चरण में लगभग 300 लोगों ने प्रतिभाग किया। प्रथम चरण में प्रत्येक प्रतिभागी को 1 मिनट का समय विचार करने हेतु तथा 1 मिनट का समय विचार अभिव्यक्ति के लिए दिया गया। विषयों को समसामयिक घटनाओं से सम्बंधित रखा गया। द्वितीय चरण के लिए 10 सर्वश्रेष्ठ वक्ताओं का चयन किया गया। इस चरण में प्रत्येक प्रतिभागी को 3 मिनट का समय विचार करने के लिए तथा 3 मिनट का समय विचार अभिव्यक्ति के लिए दिया गया। इसके विषय संस्थान की गतिविधियों से सम्बंधित रखे गए ताकि संस्थान की कार्यप्रणाली पर एक राय प्राप्त की जा सके और छात्रों की जानकारी को परख कर यथासंभव प्रयास किये जा सकें। विजेताओं के निर्धारण में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्शकों की रखी गयी और मतदान प्रक्रिया से विजेता का चयन किया गया। प्रतियोगिता की कुल पुरस्कार राशि ₹6000 रखी गयी।

तूर्यनाद'17

  • इस चरण में विषयों को तीन वर्गों में बाँटा गया है :
    • राजनीति एवं भ्रष्टाचार
    • भारतीय सांस्कृतिक एवं सामाजिक
    • अन्य कुछ मज़ेदार विषय
  • प्रतिभागियों को तीन में से कोई एक वर्ग चुनने का मौका दिया जाएगा। चयनित वर्ग में से कोई एक अनिवार्य विषय प्रतिभागी को दिया जाएगा। तत्पश्चात सोचने के लिए 2 मिनट का समय प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक प्रतिभागी को बोलने के लिए 2 मिनट का समय दिया जाएगा।
  • प्रस्तुतीकरण, भाषा-शैली एवं विषय-वस्तु के आधार पर द्वितीय चरण के लिए प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा।
  • इस चरण में प्रतिभागियों को सर्वप्रथम तूर्यनाद की विषय-वस्तु से जुड़ा हुआ एक शब्द प्रदान किया जाएगा, जिस पर उसे सोचने के लिए 2 मिनट का समय दिया जाएगा तथा अपने विचार व्यक्त करने के लिए भी 2 मिनट का समय दिया जाएगा।
  • इस चरण में प्रतिभागी के प्रस्तुतीकरण, शब्दज्ञान, भाषा-शैली एवं सोचने की क्षमता को परखा जाएगा।
  • इस चरण में प्रतिभागियों को एक छायाचित्र दिखाया जाएगा एवं उस विषय पर सोचने के लिए 2 मिनट का समय दिया जाएगा तथा अपने विचार व्यक्त करने के लिए 3 मिनट का समय दिया जाएगा।

समय सारिणी

चरण दिनांक समय स्थान
प्रथम चरण 27 अक्टूबर 2017 2 से 4 बजे नव पदार्थ एवं धातुकर्म अभियांत्रिकी विभाग
द्वितीय चरण 28 अक्टूबर 2017 2 से 4 बजे राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान , भोपाल