खिचड़ी



तूर्यनाद'16

अलग-अलग संस्कृति एवं विचारों के लोगों साथ ले कर चलते हुए हिंदी के प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से महाविद्यालयों के हिंदीतरभाषी छात्र-छात्राओं हेतु ‘खिचड़ी’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता 2 चरणों में संपन्न हुई। प्रथम चरण के अंतर्गत प्रतिभागियों से हिंदी के सामान्य बोलचाल के शब्दों का उच्चारण करवाया गया तथा उन्हें कुछ चित्र दिखाए गए जिनका नाम उन्हें हिंदी में बताना था। प्रतिभागियों का मूल्यांकन उनकी उच्चारण स्पष्टता के आधार पर किया गया। द्वितीय चरण के आयोजन हेतु शीर्ष 10 प्रतिभागी चयनित किये गए। प्रतियोगिता के द्वितीय चरण में प्रतिभागियों को कुछ हिंदी गीत सुनाये गए जिनको उन्हें स्पष्ट हिंदी में दोहराना था, साथ ही साथ कुछ चित्र भी दिखाए गए जिन्हें ध्यान में रख कर उन्हें एक हिंदी का वाक्य बोलना था। प्रतिभागियों में से शीर्ष 3 छात्रों का चुनाव उनकी स्मरण शक्ति एवं हिंदी उच्चारण स्पष्टता के आधार पर किया गया। प्रतियोगिता का अंतिम चरण डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में आयोजित किया था। प्रतियोगिता की कुल ईनामी राशि ₹ 6000 थी।

तूर्यनाद'15

‘अनेकता में एकता’ भारतवर्ष की पहचान है। यहाँ विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के लोग हैं, परंतु हिंदी ही एक ऐसी भाषा है जो संपूर्ण भारत को एकता के सूत्र में बाँधकर रख सकती है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए हमारे इस तकनीक के उपवन में पढ़ने वाले गैर हिंदी भाषी छात्र-छात्राओं को हिंदी की मूलधारा से जोड़ने के लिए तूर्यनाद 15 के अंतर्गत ‘खिचड़ी’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता 2 चरणों में आयोजित की गई थी। प्रथम चरण में प्रतिभागियों से हिंदी के सामान्य बोलचाल के शब्दों का उच्चारण तथा कुछ सामान्य मुहावरों का उच्चारण करवाया गया। प्रतिभागियों को अंक उनकी उच्चारण शुद्धता व स्पष्टता के आधार पर दिये गए तथा द्वितीय चरण हेतु शीर्ष विद्यार्थियों का चयन किया गया। द्वितीय चरण में सर्वप्रथम सभी प्रतिभागियों ने अपना परिचय हिंदी में दिया, जो उनके उत्साह का परिचायक था। इस चरण में प्रतिभागियों को कुछ प्रसिद्ध फिल्मों के संवाद दिखाए व सुनाए गए जिनका उन्हें उच्चारण करना था। इस चरण में अंक विद्यार्थियों को उनकी स्मरण शक्ति तथा उच्चारण स्पष्टता के आधार पर प्रदान करते हुए अंततः शीर्ष 3 छात्रों का चयन किया गया। प्रतियोगिता का अंतिम चरण डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में आयोजित किया गया। प्रतियोगिता की कुल पुरस्कार राशि ₹6000 थी।

तूर्यनाद'14

संस्थान में हिंदीतरभाषी प्रदेशों से आये हुए विद्यार्थियों को भी बातों ही बातों में हिंदी भाषा से परिचित कराने हेतु पिछले वर्ष की भाँति ही इस वर्ष भी ‘खिचड़ी’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता 2 चरणों में संपन्न हुई। प्रतियोगिता के प्रथम चरण में सर्वप्रथम प्रतिभागियों का परिचय हिंदी में लिया गया जिससे वे स्वयं को इस भाषा से जुड़ा हुआ महसूस कर सकें। इसके पश्चात् प्रतिभागियों से दैनिक कार्यों में काम आने वाली वस्तुओं का उच्चारण कराया गया। शुद्ध उच्चारण एवं स्मरण शक्ति के आधार पर उन्हें अंक प्रदान किये गए। प्रथम चरण के द्वितीय भाग में प्रतिभागियों को दैनिक वस्तुओं के चित्र दिखाकर उनसे वस्तुओं के नाम हिंदी में पूछे गए तथा सही उत्तरों के आधार पर अंक दिए गए। शीर्ष 8 प्रतिभागियों को अगले चरण के लिए चयनित किया गया। द्वितीय चरण में सभी प्रतिभागियों को एक रोचक एवं मनोरंजक उद्देश्य दिया गया जिसके अंतर्गत एक निर्धारित समय में प्रत्येक प्रतिभागी को एक शब्द से प्रारंभ करके ज्यादा से ज्यादा शब्द ढूँढने थे। शर्त यह थी कि आने वाला शब्द पीछे ढूंढे गए शब्द के अंतिम अक्षर से प्रारंभ होता हो। इस प्रकार जो प्रतिभागी निश्चित समय में अधिकतम शब्द ढूँढ सका, वही प्रतियोगिता में विजयी हुआ। प्रतिभागियों में से वरीयता के आधार पर शीर्ष 3 को विजेता घोषित किया गया। द्वितीय चरण डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में आयोजित किया था। प्रतियोगिता की कुल ईनामी राशि ₹ 4500 थी।

तूर्यनाद'13

‘अनेकता में एकता’ भारत की पहचान है और ऐसा माना जाता है कि हिंदी ही ऐसी एकमात्र भाषा है जो सम्पूर्ण भारत को एकता के सूत्र में पिरोकर रख सकती है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए एवं हिंदीतरभाषी छात्रों को हिंदी की मूलधारा से जोड़ने के लिए हिंदीतरभाषी प्रतियोगिता ‘खिचड़ी’ का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में हिंदीतरभाषी छात्रों को हिंदी बोलने एवं लिखने में सक्षम बनाने का प्रयास किया गया। प्रतियोगिता दो चरण में आयोजित की गयी। प्रथम चरण में सभी प्रतिभागियों से 10-10 सामान्य हिंदी शब्दों का उच्चारण करवाया गया। इसके बाद उन्हें कुछ दैनिक जीवन के वस्तुओं के छायाचित्रों का अवलोकन कराया गया, जिनके नाम उन्हें हिंदी में बताने थे। प्रथम चरण में शीर्ष 8 विद्यार्थियों का चयन आगामी चरण के लिए किया गया। प्रतियोगिता के द्वितीय चरण का आयोजन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में हुआ। सर्वप्रथम सभी प्रतिभागियों का परिचय हिंदी भाषा में ही करवाया गया, ततपश्चात् सभी से सामान्य से हिंदी गद्यों का उच्चारण करवाया गया। अंत में शीर्ष 3 छात्रों को ₹6000 की कुल पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।





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