स्वदेशी दीपावली


  • गाँधी जी के अनुसार, ”मुट्ठी भर संकल्पवान लोग, जिनकी अपने लक्ष्य में आस्था है, धारा को बदल सकते हैं।” इस विचार का अनुकरण करते हुए, राजभाषा कार्यान्वयन समिति के प्रयासों में से एक प्रयास है “स्वदेशी दिवाली अभियान”।
  • स्वदेशी से तात्पर्य है- ऐसी वस्तुएँ, जो अपने देश में बनी हों तथा जिनके लिए कच्चा माल भी स्वदेशी उपलब्ध कराया जाए, जिससे लघु तथा कुटीर उद्योगों को उन्नत किया जा सके।
  • स्वदेशी दिवाली अभियान, राजभाषा कार्यान्वयन समिति का देश तथा भाषा के पुनरुत्थान के लिए उठाया गया एक कदम है।
  • यह प्रयास अत्यन्त सूक्ष्म रूप में ही सही, लेकिन कहीं-न- कहीं देश की अर्थव्यवस्था पर अनुकूल प्रभाव डालने वाला है।
  • कोई भी कार्य, तब तक वास्तविकता के धरातल पर साकार नहीं हो सकता, जब तक उसके लिए जमीनी स्तर से प्रयास न किये जाएँ।
  • इसी अवधारणा को ध्यान में रखते हुए, समिति ने अपने अभियान को प्रारंभ किया। इसके अंतर्गत समिति के सदस्यों ने, नागरिकों के घरों एवं 15 से अधिक विद्यालयों में जाकर उनसे कम-से- कम 100 मिट्टी के दीप जलाने, कम-से- कम 3 घरों में दीपदान करने, सजावट के लिए चीनी उत्पादों के स्थान पर स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग तथा कम-से- कम पटाखों का उपयोग करने की अपील की। इसी श्रृंखला में डी. बी. मॉल तथा शौर्य स्मारक पर स्वदेशी दीवाली मनाने के लिए शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कराये गये।
  • समिति ने संस्थान के शिक्षकों तथा नगर के प्रभावशाली व्यक्तियों के निवास स्थान पर जाकर उन्हें भेंट स्वरूप दीप प्रदान किये। इस अभियान के लिए व्यक्तियों तथा विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने समिति के प्रयास की सराहना की एवं अपने-अपने स्तर से, अभियान को हरसंभव सहयोग देने की शपथ ली।


पता

राजभाषा कार्यान्वयन समिति,

मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान,

भोपाल

फ़ोन:

+91 9926914484 आकाश जायसवाल

+91 7772970731 निष्ठा अनुश्री

अणुडाक:
tooryanaad@gmail.com

राजभाषा कार्यान्वयन समिति 2017